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प्रोफ़ॉर्मा इनवॉइस कैसे बनाएँ
प्रोफ़ॉर्मा इनवॉइस इनवॉइस जैसा दिखता है पर यह एक ऑफ़र है: ग्राहक इससे खरीद मंज़ूर करता है या एडवांस देता है। माल जाने पर आप इसी से असली टैक्स इनवॉइस बनाते हैं।
स्टेप बाय स्टेप
- प्रोफ़ॉर्मा इनवॉइस की डिटेल। नंबर और तारीख जाँचें, कब तक वैलिड सेट करें, और ग्राहक का इन्क्वायरी नंबर।
- बिल किसके नाम और प्लेस ऑफ़ सप्लाई। इनवॉइस की तरह: इसी से CGST + SGST या IGST तय होता है।
- आइटम और GST। इस डॉक्यूमेंट पर GST दिखाएँ टिक रहने दें ताकि ग्राहक को देने वाली पूरी रकम दिखे।
- बैंक और UPI। आपकी बैंक डिटेल और UPI ID (लोगो, सिग्नेचर और बैंक डिटेल के नीचे आपके बिज़नेस के साथ सेव) एडवांस के लिए छपती है।
- सेव करें, शेयर करें, फिर इनवॉइस बनाएँ। ऑर्डर पक्का होने पर इनवॉइस बनाएँ दबाएँ: बिलिंग मेकर सब कुछ भरा हुआ खुलता है।
उदाहरण से समझें
एक स्कूल ₹2,500 + 18% GST पर 40 बेंच का ऑर्डर देता है। प्रोफ़ॉर्मा PI/26-27/004: ₹1,00,000 + ₹18,000 = ₹1,18,000, "ऑर्डर के साथ 50% एडवांस"। स्कूल ₹59,000 देता है; इसे ऐप में पैसा मिला में बिना कोई बिल टिक किए लिखें (एडवांस)। डिलीवरी पर इनवॉइस बनाएँ दबाएँ: एडवांस आधा इनवॉइस चुकता कर देता है।
नियम और तारीखें
एडवांस पर GST: माल के लिए एडवांस के समय नहीं लगता (Notification 66/2017-CT); सर्विस के लिए लगता है, और रिसीट वाउचर बनता है: देखें एडवांस के लिए रिसीट वाउचर।
आम गलतियाँ और उन्हें कैसे ठीक करें
- प्रोफ़ॉर्मा को GST रिटर्न में डालना। सिर्फ़ टैक्स इनवॉइस GSTR-1 में जाता है।
- रजिस्टर्ड खरीदार से बिना GST के रेट का वादा। GST दिखाएँ ताकि खरीदार सही एडवांस दे।
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