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एक्सपोर्ट के लिए प्रोफ़ॉर्मा इनवॉइस
विदेशी खरीदार को पेमेंट करने या लेटर ऑफ़ क्रेडिट खुलवाने से पहले आमतौर पर आपका प्रोफ़ॉर्मा इनवॉइस चाहिए होता है। उसका बैंक इसे ध्यान से पढ़ता है, इसलिए एक डिटेल छूटने से ऑर्डर हफ़्तों लेट हो सकता है।
चेकलिस्ट
- एक्सपोर्टर और खरीदार: पूरे नाम और पते, आपका IEC (Import Export Code) और GSTIN, खरीदार का देश।
- माल: विवरण, HS कोड, मात्रा, एक यूनिट का दाम और टोटल।
- करेंसी: साफ़ लिखें कि दाम US डॉलर में हैं या किसी और करेंसी में। (यह मेकर रकम रुपये में प्रिंट करता है, इसलिए विदेशी करेंसी वाले ऑफ़र में करेंसी और रेट नोट में लिखें।)
- Incoterms: EXW, FOB, CIF वगैरह, पोर्ट के नाम के साथ, जैसे "FOB Mundra"।
- मूल देश: India।
- पैकिंग और वज़न: कितने कार्टन, नेट और ग्रॉस वज़न।
- पेमेंट की शर्तें: बैंक ट्रांसफ़र से एडवांस, लेटर ऑफ़ क्रेडिट एट साइट, डॉक्यूमेंट्स अगेंस्ट पेमेंट, और आपके बैंक का SWIFT कोड।
- डिलीवरी का समय और वैलिडिटी।
एक्सपोर्ट पर GST
एक्सपोर्ट ज़ीरो-रेटेड है। आप या तो Letter of Undertaking (LUT) पर बिना IGST दिए एक्सपोर्ट करें, या IGST देकर बाद में रिफ़ंड लें। प्रोफ़ॉर्मा सिर्फ़ एक ऑफ़र है, इसलिए उस पर कोई टैक्स नहीं बनता; अगर आप ऐसे ही एक्सपोर्ट करेंगे तो शर्तों में "Export under LUT, IGST not charged" लिखें, और लाइनों पर GST रेट 0% रखें।
टिप्स
- प्रोफ़ॉर्मा को बाद वाले कमर्शियल इनवॉइस और पैकिंग लिस्ट से हूबहू मिलाएँ।
- अगर खरीदार के देश में ज़रूरी हो तो उससे इम्पोर्ट लाइसेंस या परमिट नंबर माँगें, और नोट में लिखें।
- लेटर ऑफ़ क्रेडिट में बैंक देखेगा कि LC की भाषा आपके प्रोफ़ॉर्मा से मिलती है: LC खुलने से पहले प्रोफ़ॉर्मा भेज दें।
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