प्रोफ़ॉर्मा › प्रोफ़ॉर्मा वा टैक्स इनवॉइस
प्रोफ़ॉर्मा इनवॉइस आ टैक्स इनवॉइस मे अंतर
दुनू एक रंग देखाइत अछि मुदा काज बहुत अलग करैत अछि। प्रोफ़ॉर्मा एकटा वादा अछि जे अहाँ की बिल करब। टैक्स इनवॉइस अपने बिल अछि, आ GST कानून ओकरे पर लागू होइत अछि।
एक नज़र मे अंतर
| प्रोफ़ॉर्मा इनवॉइस | टैक्स इनवॉइस | |
|---|---|---|
| ई की अछि | इनवॉइसक रूप मे ऑफ़र | सप्लाईक बिल |
| एकरा कारणे GST देबय पड़ैत अछि? | नहि | हँ, जे सप्लाई एहि मे लिखल अछि ताहि पर |
| GSTR-1 मे जाइत अछि? | नहि | हँ |
| खरीदार एहि पर इनपुट टैक्स क्रेडिट ल' सकैत छथि? | नहि | हँ (जँ बाकी शर्त पूरा होअय) |
| नंबरिंग | अपन सीरीज (PI/…) | हर फाइनेंशियल ईयरक एकटा क्रमवार सीरीज, 16 कैरेक्टर धरि |
| अकाउंटिंग एंट्री | कोनो नहि | बिक्री आ बाकी रकम |
प्रोफ़ॉर्मा कहिया पठाउ
- खरीदारकेँ पेमेंट वा ऑर्डर सँ पहिने मंजूर दाम चाही।
- अहाँ माल खरीदबा वा काज शुरू करबा सँ पहिने एडवांस चाहैत छी।
- खरीदारक बैंक, कोनो सरकारी ऑफ़िस वा लोन देनिहार एकरा मँगैत छथि (लोन, सब्सिडी, इम्पोर्टक कागज़)।
- एक्सपोर्ट: विदेशी खरीदारकेँ अक्सर लेटर ऑफ़ क्रेडिट खोलबा वा इम्पोर्ट परमिटक लेल एकर ज़रूरत होइत अछि।
टैक्स इनवॉइस कहिया चाही
मालक लेल, टैक्स इनवॉइस तखन जारी होइत अछि जखन माल निकलैत अछि वा डिलीवर होइत अछि। सेवाक लेल, सेवा देलाक 30 दिनक भीतर। जखन कोनो सेवाक एडवांस अबैत अछि तँ एडवांस पर GST बनैत अछि, तेँ ओकर रसीद वाउचर जारी करू (रसीद मेकर मे "एडवांस भेटल" प्रकार अछि)। मालक लेल, सामान्य रजिस्टर्ड बिज़नेस एडवांस पर GST नहि दैत अछि; कंपोजीशन डीलरक नियम अलग अछि, तेँ ओ अपन अकाउंटेंट सँ पूछि लेथि।
एक सँ दोसर
सेव कएल प्रोफ़ॉर्मा पर इनवॉइस बनाउ दबाउ। इनवॉइस मेकर ओही खरीदार, आइटम आ रेटक संग खुजैत अछि, आ ऑर्डर रेफरेंस मे "Proforma Invoice PI/26-27/004" लिखैत अछि। ओतय इनवॉइस नंबर आ तारीख चुनू, सभ किछु जाँचू आ सेव करू। तकर बाद प्रोफ़ॉर्मा पर "इनवॉइस बनि गेल" लागि जाइत अछि।